पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने रुद्रपुर में किया कुमाऊं मंडल के निर्वाचित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और कार्मिकों की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार समाप्ति के लिए संकल्पबद्ध है। इसी उद्देश्य से क्षेत्र पंचायत प्रमुखों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से किये जाने हेतु हमारी सरकार के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 243 के अन्तर्गत संशोधन किये जाने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य में बढ़ते प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन हेतु 95 विकास खण्डों में 85 कॉम्पैक्टर्स स्थापित किये गये हैं। इनमें अधिकांश अपना काम सुचारू रूप से कर रहे हैं। सरकार ने ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने की भी पहल की है। इसके तहत ग्राम पंचायतों की खाली भूमि पर पार्किंग बनाने, कूड़ा करकट, गंदगी आदि को हर घर से एकत्र करने, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट करने, सड़कों की सफाई, मृतक पशुओं को हटाने, कूड़ादान, व्यक्तिगत व सामुदायिक कूड़ा निस्तारण आदि के लिए निर्धारित शुल्क वसूल कर पंचायतों की आय में वृद्धि होगी।
पंचायती राज मंत्री महाराज ने कहा कि दो वर्षों में हमारी सरकार में 1250 पंचायत भवनों का निर्माण किया है और लगभग 400 का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। पंचायत भवनों में सी.एस.सी. सेंटर के रूप में अब तक 250 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जा चुका है। इन भवनों में सेवा का अधिकार अधिनियम में अधिसूचित सेवाओं, जैसे जन्म-मृत्यु पंजीकरण, परिवार रजिस्टर पंजीकरण, शुद्धिकरण, परिवर्तन व प्रतिलिपि निर्गमन, शौचालय प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि के साथ-साथ सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत् विभिन्न विभागों की सेवाएं नियत समयावधि के अन्तर्गत जन सामान्य को सुलभ कराई जा रही हैं। राज्य सेक्टर योजना तथा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अन्तर्गत कुल 1000 ग्राम पंचायतों में कंप्यूटर की स्थापना का कार्य किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि मसूरी हिल स्टेशन के समीप विकासखंड सहसपुर की क्यारकुली भट्टा ग्राम पंचायत में लगभग 15 करोड़ की लागत से “मल्टीलेवल पार्किंग के साथ कैफेरिया” के निर्माण हेतु कार्यवाही चल रही है। इस वित्तीय वर्ष में माह दिसम्बर, 2023 एवं माह जनवरी-फरवरी 2024 तक लगभग 70 हजार निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ रेखीय विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ग्रामीण नियोजन, सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
महाराज ने कहा कि ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500.00 से बढ़ाकर 3500.00 प्रतिमाह किया गया है। त्रिस्तरीय पंचायतों के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि हमने विकास के रोडमैप के तहत् 2025 तक राज्य की अवशेष सभी 7795 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण एवं कम्प्यूटर की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है। 662 न्याय पंचायतों में स्थापित पंचायत भवनों को दीन दयाल उपाध्याय मिनी सचिवालय के रूप में विकसित किये जाने का लक्ष्य है।
मास्टर ट्रेनर/जिला पंचायत राज अधिकारी निदेशालय पंचायती राज पूनम पाठक ने पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई), सतत विकास लक्ष्य के तहत गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजिविका युक्त पंचायत, स्वस्थ्य पंचायत, बाल हितैषी/बाल मित्र पंचायत, पर्याप्त पानी युक्त पंचायत, आधारभूत सुविधाओं के सन्दर्भ में आत्मनिर्भर पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासित पंचायत, लैंगिक समानता आधारभूत विकास पथ पर अग्रसर पंचायत पर विस्तार से जानकारी दी। परामर्शदाता पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार मोहित गुप्ता ने ई-पंचायत एप्लीकेशन्स एवं उन पर किये जाने वाले कार्यो की जानकारी दी। पूर्व वन संरक्षण अधिकारी कीर्ति सिंह ने पर्यावरण प्रबन्धन एवं कार्बन न्यूट्रैलिटी विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
