उत्तराखंडचम्पावत

चंपावत में ‘डेंगू दिवस’ पर बड़ा जागरूकता अभियान, डॉक्टरों ने बताए बचाव के उपाय

चंपावत में ‘डेंगू दिवस’ पर बड़ा जागरूकता अभियान, डॉक्टरों ने बताए बचाव के उपाय

चंपावत

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 देवेश चौहान के दिशा-निर्देशन में जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में “डेंगू दिवस” मनाया गया। इस वर्ष की थीम “सामुदायिक साझेदारी – दूर करेंगे डेंगू की बीमारी” के तहत जिला चिकित्सालय चंपावत में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

 

कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य चिकिल्सा अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. इंद्रजीत पांडे ने डेंगू के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घर और आसपास पानी जमा न होने देना, साफ-सफाई बनाए रखना और मच्छरों के पनपने के स्थानों को खत्म करना डेंगू से बचाव के सबसे प्रभावी तरीके हैं।

वहीं, फिजिशियन डॉ. अजय ने डेंगू मरीजों के उपचार और देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराना और समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।

 

माइक्रोबायोलॉजिस्ट मुकीम अंसारी ने बताया कि डेंगू की जांच मुख्य रूप से दो तरीकों से की जाती है— रैपिड टेस्ट और ELISA टेस्ट। उन्होंने बताया कि रैपिड टेस्ट की सुविधा जिले के सभी चिकित्सालयों में उपलब्ध है, जबकि पुष्टि के लिए ELISA टेस्ट जिला चिकित्सालय चंपावत में किया जाता है।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को डेंगू के प्रति जागरूक करना और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से इसकी रोकथाम को बढ़ावा देना रहा।

इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हीरा सिंह हयांकी, डाटा प्रबंधक जितेंद्र पांडे, डीईओ कम अकाउंटेंट दीपक पनेरू, राजकीय नर्सिंग कॉलेज चंपावत के छात्र-छात्राएं तथा चिकित्सालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहे।

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