एचपीवी वैक्सीन अभियान में तेजी लाने के निर्देश: उत्तरकाशी में 31 मई तक 3000 बालिकाओं को सुरक्षित करने का लक्ष्य
एचपीवी वैक्सीन अभियान में तेजी लाने के निर्देश: उत्तरकाशी में 31 मई तक 3000 बालिकाओं को सुरक्षित करने का लक्ष्य
उत्तरकाशी
एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के संबंध में अपर जिला अधिकारी मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार, उत्तरकाशी में जिला टास्क फोर्स बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शिक्षा विभाग, जिला पंचायतीराज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बी. एस. पांगती द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया गया कि भारत में एचपीवी वैक्सीन वर्ष 2008 से उपलब्ध है, किंतु भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं हेतु सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क टीकाकरण प्रारंभ किया गया है। यह टीका विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव हेतु अत्यंत प्रभावी है।
जनपद उत्तरकाशी में 14 से 15 वर्ष की लगभग 3000 बालिकाओं को 31 मई 2026 तक एचपीवी वैक्सीन लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किंतु लक्ष्य के सापेक्ष अब तक बहुत कम बालिकाओं का टीकाकरण हो पाया है, जिस पर अपर जिला अधिकारी द्वारा चिंता व्यक्त करते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत को निर्देशित किया कि चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं उनके परिजनों में से जिन लोगों ने पूर्व में एचपीवी वैक्सीन लगवाई है, उनके वीडियो संदेश तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रचारित किए जाएं। साथ ही स्थानीय एम्बेसडर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आदि के माध्यम से भी एचपीवी वैक्सीन के लाभों का प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे आमजन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके।
इसी क्रम में शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि यदि उनके विभागों के किसी शिक्षक या कर्मचारी ने पूर्व में एचपीवी वैक्सीन लगवाई है, तो उनके अनुभवों के वीडियो संदेश तैयार कर विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में साझा किए जाएं।
विद्यालयों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह भी निर्देश दिए गए कि प्रतिदिन प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान एचपीवी वैक्सीन से संबंधित एक जागरूकता सत्र आयोजित किया जाए। इसके अतिरिक्त 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें वैक्सीन के लाभों के प्रति जागरूक किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत द्वारा जानकारी दी गई कि एचपीवी वैक्सीन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु सहायक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी प्रीति गौर सेमवाल से मोबाइल नंबर 9634384575 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य दिनों के अतिरिक्त प्रत्येक रविवार को जनपद के समस्त चिकित्सालयों में “पिंक डे” के रूप में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाएं निःशुल्क टीकाकरण का लाभ उठा सकती हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित एवं प्रभावी है, इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं हैं, अतः सभी अभिभावक अपनी बालिकाओं को समय से यह टीका अवश्य लगवाएं, ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
