राजकीय महाविद्यालय खाड़ी: एनएसएस शिविर के तीसरे दिन आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य पर रहा जोर
राजकीय महाविद्यालय खाड़ी: एनएसएस शिविर के तीसरे दिन आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य पर रहा जोर
खाड़ी (टिहरी गढ़वाल)- राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन का आगाज़ उत्साह और ऊर्जा के साथ हुआ। शिविर के माध्यम से स्वयंसेवियों ने न केवल समाज सेवा का संकल्प लिया, बल्कि विशेषज्ञों से जीवन रक्षक कौशल भी सीखे। शिविर की तृतीय दिवस की शुरुआत सुबह की शांत बेला में व्यायाम, योग और माँ शारदे की वंदना के साथ किया गया। स्वयंसेवियों ने विभिन्न योगासनों के माध्यम से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा।
स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान
प्रातः कालीन सत्र में स्वयंसेवियों ने स्थानीय क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई और ग्रामीणों को कूड़ा निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया। ‘जन-जन का है एक ही नारा, स्वच्छ बने देश हमारा’ जैसे नारों के साथ जनजागरूकता रैली भी निकाली गई।
दोपहर के बौद्धिक सत्र में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल से पधारे मुख्य वक्ता श्री अनिल सकलानी ने स्वयंसेवियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए निम्नलिखित विषयों पर प्रकाश डाला ।भूकंप और भूस्खलन के समय बरती जाने वाली सावधानियों, सांप के काटने आग लगे हार्ट
अटैक आंधी के समय किए जाने वाले प्राथमिक उपचार (First Aid) के तरीके की बुनियादी तकनीकी की जानकारी दी। सकलानी जी द्वारा आपदा के समय रेस्क्यू करते समय प्रयोग किए जाने वाले साधनों के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर के बौद्धिक सत्र में स्वास्थ्य विभाग टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही। जिसमें डॉ आलोक चौहान एवं विशाल अहमद थे । डॉक्टर आलोक चौहान ने स्वयंसेवियों को रेबीज, पीलिया, डायबीटिज, हीमोग्लोबिन की कमी और सांप के काटे जाने पर किए जाने वाले स्वास्थ्य परीक्षण व उपाय के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही हमारे समाज में बीमारियों के प्रति फैले अंधविश्वास से स्वयंसेवकों को सचेत करते हुए बताया कि अंधविश्वास से दूर रहते हुए चिकित्सक से बीमारी का इलाज कराए। साथ ही मौसमी बीमारियों, व्यक्तिगत स्वच्छता और बेहतर खान-पान के बारे में जानकारी दी। अवसर पर चिकित्सक द्वारा स्वयंसेवकों को सीपीआर देने की विधि भी सिखायी गयी। इस दौरान चिकित्सकों से स्वयंसेवियों ने स्वास्थ्य संबंधी कई प्रश्न पूछे। अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के सिविल की सभी स्वयं सेवी, कर्मचारी व प्राध्यापक वर्ग उपस्थित रहे।
