संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए डुण्डा में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया विशेष जोर
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए डुण्डा में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया विशेष जोर
उत्तरकाशी- मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी के दिशानिर्देशों के अनुपालनार्थ विकासखंड डुण्डा अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर जडीढुमका एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर जसपूर में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आईईसी/बीसीसी एवं कंसलटेंट की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा फैसिलिटेटर, क्षेत्र की गर्भवती महिलाएं एवं आशा कार्यकर्त्री उपस्थित रहीं।
बैठक के दौरान सभी सेवा प्रदाताओं के साथ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्रतिभागियों को संस्थागत प्रसव से जुड़े भौतिक, वित्तीय एवं चिकित्सीय लाभों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर सभी आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में पंजीकृत 7 माह या उससे अधिक गर्भावस्था वाली सभी महिलाओं का बर्थ प्लान अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। इसमें विशेष रूप से मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, चार अनिवार्य एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव की अनिवार्यता, जननी सुरक्षा योजना, ईजा-बोई शगुन योजना, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, वर्तमान में संचालित अल्ट्रासाउंड कैंपेन, 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान, मोतियाबिंद मुक्त ग्राम अभियान, एनसीडी स्क्रीनिंग तथा योग गतिविधियों के बारे में जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस प्रकार की बैठकों के माध्यम से जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है।
