गुच्छी मशरूम की खेती से खुलेंगे ग्रामीण आय के नए द्वार, उद्यान विभाग का मास्टरप्लान तैयार
गुच्छी मशरूम की खेती से खुलेंगे ग्रामीण आय के नए द्वार, उद्यान विभाग का मास्टरप्लान तैयार
पुरोला
उत्तराखंड सरकार के दिशा-निर्देश में उत्तराखंड में नवाचार कृषि को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में उत्तरकाशी जनपद के विकासखंड पुरोला के जरमोला क्षेत्र में उद्यान विभाग ने दुनिया के सबसे महंगे और दुर्लभ जंगली गुच्छी/मशरूम (मोरचेला एस्कुलेंटा) की सफल खेती नियंत्रित पॉलीहाउस के भीतर खुले खेत जैसी परिस्थितियों में कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
अपने विशिष्ट स्वाद, औषधीय गुणों और ऊँचे बाजार मूल्य के कारण गुच्छी को अत्यंत मूल्यवान वन उत्पाद माना जाता है,जिसकी बाजार मूल्य 30 से 40 हजार रुपए प्रति किलो है, जो अब तक केवल चुनिंदा वन पारिस्थितिक तंत्रों में विशेष तापमान, नमी और जटिल जीवन चक्र की वजह से प्राकृतिक रूप से ही उगती रही है। वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय तक चुनौती रही इसकी खेती की प्रक्रिया को अब अनुकूल बनाकर बड़े पैमाने पर अपनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उत्तरकाशी में अब तक इसकी उपलब्धता सीमित मौसम और जंगलों में प्राकृतिक वृद्धि पर निर्भर थी, लेकिन इस सफलता से जंगली संग्रहण पर निर्भरता कम होगी और इसे व्यावसायिक फसल के रूप में विकसित करने के नए अवसर खुलेंगे। उत्पादन को जंगलों से खेतों तक लाने से टिकाऊ कृषि और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही किसानों, ग्रामीण युवाओं और वन-निर्भर समुदायों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे। उद्यान विभाग अब इसके प्रसार के लिए रोडमैप तैयार कर किसानों को प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे उच्च मूल्य वाली कृषि के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
