लखवाड़ परियोजना क्षेत्र में छह माह के लिए धारा-163 लागू
लखवाड़ परियोजना क्षेत्र में छह माह के लिए धारा-163 लागू
नैनबाग (शिवांश कुंवर): 300 मेगावाट लखवाड़ बांध विद्युत परियोजना का कार्य इन दिनों तेजी से संचालित है। परियोजना क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उपजिलाधिकारी धनोल्टी नीलू चावला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा-163 के तहत छह माह के लिए निषेधाज्ञा लागू की है।
यह आदेश तहसील नैनबाग एवं तहसील चकराता के अंतर्गत संचालित लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। प्रशासन के अनुसार क्षेत्र के काश्तकार और बेरोजगार लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं। मांगें पूरी न होने की स्थिति में धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस, मार्ग अवरोध तथा कार्यस्थल पर अनधिकृत प्रवेश जैसी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की परिधि में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग तथा हथियार या ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा परियोजना स्थल, कार्यालय, आवासीय परिसर और निर्माण क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। आदेश में परियोजना की मशीनरी, वाहनों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के कार्य में बाधा डालने तथा सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक लगाई गई है।
हालांकि स्थानीय निवासियों को अपने घरों में आने-जाने और कृषि कार्यों के लिए शांतिपूर्ण आवाजाही की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
उपजिलाधिकारी नीलू चावला ने बताया कि काश्तकारों और बेरोजगारों की कई जायज मांगों का समाधान कर लिया गया है, जबकि कुछ मांगें शासन स्तर से संबंधित होने के कारण शासन को भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है, इसलिए कार्य में बाधा या धरना-प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए 500 मीटर क्षेत्र में धारा-163 लागू की गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
