उत्तराखंडधनोल्टी

एसडीएम नीलू चावला का तबादला, जनहित के कार्यों को मिली नई पहचान

एसडीएम नीलू चावला का तबादला, जनहित के कार्यों को मिली नई पहचान

नैनबाग(शिवांश कुंवर):तहसील धनोल्टी में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर तैनात रहीं नीलू चावला के अचानक हुए तबादले से क्षेत्र के शिक्षित एवं जागरूक वर्ग में नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कठोर प्रशासनिक अनुशासन, निष्पक्ष कार्यशैली और जनहित के निर्णयों के माध्यम से अलग पहचान बनाई।

जानकारी के अनुसार, एसडीएम चावला ने अपने लगभग सात माह के कार्यकाल में 75 राजस्व वादों एवं 55 फौजदारी वादों का त्वरित निस्तारण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इसके अलावा उन्होंने वर्षों से लंबित पड़ी लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित लोगों के मुआवजे के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष रूप से मुआवजा वितरण सुनिश्चित कराया।

तहसील धनोल्टी एवं नैनबाग क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के विरुद्ध भी उनके नेतृत्व में लगातार अभियान चलाए गए। स्थानीय लोगों का मानना है कि नियमों के प्रति उनकी सख्त कार्यशैली के कारण कई प्रभावशाली लोगों के हित प्रभावित हुए, जिसका परिणाम उनके तबादले के रूप में सामने आया।

नीलू चावला के प्रयासों से तहसील धनोल्टी परिसर, कार्यालय एवं न्यायालय कक्षों के जीर्णोद्धार हेतु विशेष पैकेज के अंतर्गत विकास कार्य भी शुरू किए गए थे। हालांकि उनके स्थानांतरण के बाद इन कार्यों के भविष्य को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।

क्षेत्र के कई सामाजिक एवं जागरूक नागरिकों ने उनके तबादले पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कम समय में प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया तथा विकास और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। लोगों ने सरकार से जनहित में लिए गए उनके निर्णयों और कार्यों को आगे भी जारी रखने की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नीलू चावला जैसी कर्मठ और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील अधिकारी का तबादला क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है।

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