थत्यूड़ (शिवांश कुंवर)- थत्यूड़ में चल रही रामलीला के नवें दिन की लीला में भरत मिलाप लीला का भावपूर्ण मंचन किया। भारत अपने ननिहाल से जब वापस अयोध्या नगर में लौटते हैं तो भगवान राम 14 वर्ष वन गमन व दशरथ मरण का समाचार सुनते ही दुखी होकर विलाप करने लगते हैं और अंत में भरत पूरी अयोध्या नगरी के साथ भगवान राम से मिलने को वन जाते हैं। जहां पर भगवान भगवान राम से भेंट होती है। इसके बाद भरत राम की खड़ाऊ लेकर वापस अयोध्या नगरी लौट आते हैं। इसके पश्चात शूर्पणखा का पंचवटी में विचरण का सुन्दर मंचन किया गया। भगवान राम व लक्ष्मण से विवाह का प्रस्ताव रखना व लक्ष्मण के द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने का भावपूर्ण मंचन किया गया।



