गंगोत्री नेशनल हाइवे पर NGT के नियमों की धज्जियां उड़ाकर गंगा किनारे चल रहा अवैध खनन, मकान पर मंडराया खतरा
गंगोत्री नेशनल हाइवे पर NGT के नियमों की धज्जियां उड़ाकर गंगा किनारे चल रहा अवैध खनन, मकान पर मंडराया खतरा
सिंगोटी के समीप दिन-रात चल रही पोकलैंड मशीनें.मानकों के विपरीत कार्य से स्थानीय निवासी दहशत में, घर में आईं दरारें
उत्तरकाशी- गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिंगोटी के समीप गंगा नदी के तट पर प्रशासन के दावों और नियमों को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम खनन का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किए गए मानकों और दिशा-निर्देशों की परवाह किए बिना नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। नदी के प्राकृतिक बहाव और सुरक्षा मानकों के विपरीत जाकर किए जा रहे इस कार्य से अब स्थानीय पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के आशियाने पर भी संकट मंडराने लगा है।
ग्रामीण महिला के अनुसार सिंगोटी के पास गंगा नदी के किनारे भारी मशीनों (पोकलैंड और जेसीबी) के जरिए बेरोकटोक खनन किया जा रहा है। स्थानीय महिला का गंभीर आरोप है कि यह खनन कार्य केवल दिन के समय ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी पूरी रफ्तार से जारी रहता है। चौबीसों घंटे चलने वाली भारी मशीनों की गड़गड़ाहट और खुदाई के कारण आस-पास की भूमि में तेज कंपन हो रहा है, जिससे निकटवर्ती इलाकों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीण महिला का दर्द: “कभी भी मकान को और पहुंच सकता नुकसान
पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना है कि दिन-रात लगातार हो रहे खनन और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण उनके मकान की दीवारों और छतों में दरारें आ गई हैं। पीड़ित परिवारों ने भारी रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस अवैध और मानक विरोधी कार्य को तुरंत नहीं रोका गया, तो उनका मकान किसी भी समय और अधिक नुकसान पहुंच सकता है.
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल. NGT के नियमों के विरुद्ध कार्य ?
प्रशासन और संबंधित खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है। गंगा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में खनन के कड़े नियम होने के बावजूद, आबादी क्षेत्र के इतने करीब और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इस प्रकार का खुला उल्लंघन किसकी शह पर हो रहा है? स्थानीय निवासी का कहना है कि पूर्व में शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से खनन वालो के हौसले बुलंद हैं।
महिला ने जिला प्रशासन और शासन से तत्काल मांग की है कि सिंगोटी के पास चल रहे इस मानक विरोधी खनन कार्य की तुरंत उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, प्रभावित परिवारों के भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
