ज़िला पंचायत उत्तरकाशी की अनदेखी: नगुण बैरियर का फाइबर केबिन निजी हाथों में? EO श्याम लाल आर्य को ख़बर तक नहीं
दो वर्षों से बंद पड़े बैरियर पर सरकारी बजट का दुरुपयोग; कर्मचारियों के लिए बना केबिन अब किसी और के कब्ज़े में?
उत्तरकाशी (वीरेंद्र सिंह नेगी)- ज़िला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा जनहित और विभागीय कर्मचारियों की सुविधा के लिए बनाया गया एक सरकारी ढांचा अब प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ता दिख रहा है। चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के नगुण में ज़िला पंचायत द्वारा एक बैरियर का निर्माण कराया गया था, जिसके साथ कर्मचारियों के बैठने के लिए एक आधुनिक फाइबर युक्त केबिन भी तैयार किया गया था। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह बैरियर पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।
अब सूत्रों के हवाले से एक चौंकाने वाली ख़बर सामने आ रही है कि जिस केबिन का निर्माण सरकारी बजट से पंचायत कर्मियों के लिए किया गया था, उसका उपयोग वर्तमान में किसी अन्य निजी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है।
अफ़सर बेख़बर, सरकारी संपत्ति पर ‘कब्ज़ा’
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब इस मामले के संबंध में ज़िला पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) श्याम लाल आर्य से बात की गई, तो उन्होंने इस पूरे मामले से ही अनभिज्ञता जता दी। उन्हें स्वयं इस बात की जानकारी नहीं है कि विभाग के बजट से बना यह केबिन वर्तमान में किस स्थिति में है और इसका उपयोग कौन कर रहा है। जब विभाग के शीर्ष अधिकारी को ही अपनी संपत्ति और बजट के इस्तेमाल की जानकारी न हो, तो तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।”
सवाल जो मांगते हैं जवाब
नगुण में जन-सामान्य के टैक्स और सरकारी बजट से निर्मित इस केबिन की वर्तमान स्थिति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
बजट का दुरुपयोग या लापरवाही?
जब बैरियर पिछले दो सालों से बंद पड़ा था, तो इस संपत्ति की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी?
किसे बचाने की कोशिश?
क्या विभाग के भीतर ही कोई ऐसा तंत्र है जो किसी विशेष व्यक्ति को फायदा पहुंचाने या बचाने का प्रयास कर रहा है? प्रशासनिक अज्ञानता: क्या यह वाकई EO की अज्ञानता है या फिर मामले पर लीपापोती करने का प्रयास?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनता के पैसों से बनी संपत्तियों का इस तरह निजी उपयोग होना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का संकेत है। अब देखना यह होगा कि मामला उजागर होने के बाद ज़िला पंचायत प्रशासन इस पर क्या संज्ञान लेता है और अवैध रूप से केबिन का उपयोग कर रहे व्यक्ति तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
