सावन शिवरात्रि पर उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
सावन शिवरात्रि पर उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
उत्तरकाशी
सावन शिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद उत्तरकाशी स्थित प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के 4 बजे से ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर प्रांगण में भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं थी। बारिश के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी और पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा।
विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना
सुबह से ही श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग एवं पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन कर रहे हैं। भक्त परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना के साथ आराधना में लीन हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के बाद उत्तरकाशी के इस प्राचीन धाम का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा, कतार प्रबंधन और सुगम दर्शन के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। अधिकारियों द्वारा व्यवस्थाओं पर लगातार नज़र रखी जा रही है। सावन शिवरात्रि के इस पर्व पर पूरी उत्तरकाशी नगरी भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण से सराबोर नज़र आ रही है।
