हिमालय दिवस पर नैनबाग महाविद्यालय में गूंजा हिमालय संरक्षण का संदेश
हिमालय दिवस पर नैनबाग महाविद्यालय में गूंजा हिमालय संरक्षण का संदेश
नैनबाग (शिवांश कुंवर) – राजकीय महाविद्यालय नैनबाग, टिहरी गढ़वाल में 11 सितंबर 2026 को महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में हिमालय दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर मुकेश कुमार ने किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने हिमालय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमालय केवल उत्तराखंड का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का मुकुट है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानवीय गतिविधियों के कारण हिमालयी पर्यावरण पर लगातार खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी गतिविधियों में सुधार करते हुए हिमालय के संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. दिनेश चंद्र ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों को हिमालय संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, पॉलीथिन एवं प्लास्टिक का उपयोग न करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण, वनों और हिमालय की पवित्र नदियों के संरक्षण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया गया।
साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण और हिमालय की प्राकृतिक आबोहवा को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रयास करने तथा आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर मुकेश कुमार ने हिमालय के महत्व और उसकी सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमालय का संरक्षण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को हिमालयी पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित हिमालय के निर्माण का संदेश दिया गया।
