शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालयों का किया दौरा, जसपाल राणा की विरासत को आगे बढ़ाने और पहाड़ के बच्चों की प्रतिभा निखारने का दिया भरोसा
नैनबाग ( शिवांश कुंवर)
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नैनगांव ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान देवांशी पब्लिक स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
दौरे के दौरान पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा ने शिक्षा मंत्री के साथ पंतवाड़ी के ग्रामवासियों की मौजूदगी में क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाते हुए शिक्षा मंत्री से सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस अवसर पर ग्रामवासियों की ओर से फूल-मालाओं से शिक्षा मंत्री का सम्मान भी किया गया।
जसपाल राणा को याद कर भावुक हुए शिक्षा मंत्री
ग्रामवासियों के बीच अपने संबोधन में डॉ. धन सिंह रावत ने दिवंगत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को याद करते हुए कहा कि उनका असमय चले जाना क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है।
उन्होंने कहा, “कुदरत की अनहोनी थी कि जसपाल राणा जैसा शेर हमारे बीच से चला गया।”
उन्होंने आगे कहा कि जसपाल राणा की खेल विरासत को आगे बढ़ाना और पहाड़ के बच्चों को खेल के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए ऐसे प्रयास किए जाएंगे, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।
सरकारी विद्यालयों में शुरू होगी चाइल्ड टू चैंपियन मिशन की पहल
शिक्षा मंत्री ने ग्रामवासियों के बीच घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय कोच सुभाष राणा के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ पहाड़ के बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकारी विद्यालयों में ‘चाइल्ड टू चैंपियन मिशन’ की शुरुआत की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा विभाग पहाड़ के बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरा सहयोग करेगा।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर से खेल एवं शारीरिक विकास के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी प्रतिभा की पहचान करना और उन्हें उचित मार्गदर्शन देकर भविष्य के लिए तैयार करना है।
नारायण सिंह राणा ने उठाए विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे
पूर्व खेल मंत्री श्री नारायण सिंह राणा ने शिक्षा मंत्री के समक्ष पंतवाड़ी सहित क्षेत्र के विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल और अन्य गतिविधियों के लिए भी बेहतर अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने क्षेत्र के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा विभाग से आवश्यक सहयोग का आग्रह किया।
जसपाल राणा की विरासत से पहाड़ के बच्चों को जोड़ने की पहल
चाइल्ड टू चैंपियन मिशन के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और बच्चों को अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जसपाल राणा की खेल विरासत और अंतरराष्ट्रीय कोच सुभाष राणा के अनुभव को पहाड़ के बच्चों तक पहुंचाने की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को मजबूत करने तथा नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
शिक्षा मंत्री की इस घोषणा से क्षेत्र के ग्रामवासियों और खेल प्रतिभाओं को नई उम्मीद मिली है। अब सरकारी विद्यालयों में मिशन की शुरुआत और उसके क्रियान्वयन से जुड़ी आगामी गतिविधियों पर सभी की निगाहें रहेंगी।
