नर्सिंग भर्ती प्रकरण की जांच में तेजी की मांग, एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन

नर्सिंग भर्ती प्रकरण की जांच में तेजी की मांग, एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया के दौरान सामने आए कथित लेन-देन और अनियमितताओं के मामले को लेकर नर्सिंग एकता मंच ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून शेखर चंद्र सुयाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
मंच ने मामले में अब तक हुई कार्रवाई, विवेचना की प्रगति तथा प्रकरण में पकड़े गए लोगों से संबंधित जांच की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की।

मंच की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कार्रवाई में पकड़े गए लोगों के संबंध में विवेचना वर्तमान में किस स्तर तक पहुंची है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
साथ ही, जिन लोगों द्वारा कथित रूप से रुपये दिए जाने की बात सामने आई है, उनके संबंध में पुलिस स्तर पर क्या कार्रवाई अथवा जांच की जा रही है, इसे भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

नर्सिंग एकता मंच ने अपने ज्ञापन में सामने आए बयानों और रुपये के लेन-देन को लेकर भी कई सवाल उठाए।
मंच के अनुसार, प्रकरण में प्रीति द्वारा चारु चंद्र जोशी को रुपये दिए जाने की बात सामने आई है।
वहीं मंच का कहना है कि प्रीति को रुपये अमित की ओर से यह कहते हुए दिए गए थे कि राशि उनके पिता के ऑपरेशन के लिए दी जा रही है।
दूसरी ओर, मंच के अनुसार नेहा की ओर से रुपये व्यवसाय के लिए दिए जाने की बात सामने आई है।

इन अलग-अलग कारणों को लेकर नर्सिंग एकता मंच ने सवाल उठाया कि यदि रुपये दिए जाने के पीछे अलग-अलग उद्देश्य बताए जा रहे हैं, तो परीक्षा की तारीख आने के बाद ही रुपये प्रीति को हस्तांतरित किए जाने तथा संबंधित लोगों के दस्तावेजों की पीडीएफ आगे साझा किए जाने का कारण क्या था? मंच ने मांग की कि जांच के दौरान इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से शामिल किया जाए और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

मंच ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच केवल रुपये के लेन-देन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि रुपये कब, किसके माध्यम से, किस उद्देश्य से दिए गए, परीक्षा की तारीख आने के बाद ही उनका हस्तांतरण क्यों हुआ और संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेज आगे क्यों साझा किए गए, इन सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए।
साथ ही, यदि विवेचना के दौरान इस प्रकरण में अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंका सामने आती है तो उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए।

ज्ञापन के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चंद्र सुयाल द्वारा मामले में विवेचना अधिकारी से बातचीत की गई। इसके बाद नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधियों को 29 सितंबर को विवेचना अधिकारी से मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी लेने के लिए कहा गया।

नर्सिंग एकता मंच का कहना है कि यह मामला केवल एक भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नर्सिंग अभ्यर्थियों के रोजगार और भविष्य का सवाल जुड़ा हुआ है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करते हुए प्रत्येक तथ्य को सामने लाना आवश्यक है।

मंच ने मांग की कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को जांच के बाद सार्वजनिक किया जाए।
मंच ने कहा कि यदि मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई गई और जांच की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो नर्सिंग एकता मंच को मजबूरन आंदोलन का रुख अपनाना पड़ेगा।

नर्सिंग एकता मंच ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी ठहराना नहीं, बल्कि नर्सिंग अभ्यर्थियों के रोजगार और भविष्य से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविकता सामने लाना है।

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