BRO से हटाए गए श्रमिकों के रोजगार पर बनी सहमति.गंगोत्री विधायक व कमाण्डर के बीच हुई वार्ता 

 

BRO से हटाए गए श्रमिकों के रोजगार पर बनी सहमति.गंगोत्री विधायक व कमाण्डर के बीच हुई वार्ता 

उत्तरकाशी
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सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा हाल ही में हटाए गए स्थानीय श्रमिकों के रोजगार को लेकर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और बीआरओ कमांडर राज किशोर के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई। वार्ता के दौरान हटाए गए श्रमिकों की बहाली और रोजगार की निरन्तरता पर सहमति बन गई है।

​बैठक (वार्ता )में तय हुआ कि स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 20 दिन का रोटेशन फॉर्मूला लागू किया गया । इसके तहत श्रमिकों को 20 दिन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के कार्यों में और शेष कार्य सीमावर्ती क्षेत्रों (Border Roads) के निर्माण व रखरखाव कार्यों में तैनात किया जाएगा।

​गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने वार्ता के दौरान बीआरओ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विषम परिस्थितियों में काम करने वाले स्थानीय श्रमिकों का हक नहीं मारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के युवाओं और मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर काम मिलना अनिवार्य है।

​बीआरओ कमांडर राज किशोर ने आश्वस्त किया कि संगठन स्थानीय लोगों की आजीविका का पूरा ध्यान रखेगा और इस नई व्यवस्था से किसी भी श्रमिक का रोजगार प्रभावित नहीं होगा। सभी श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से वापस काम पर जोड़ दिया जाएगा।​इस फैसले के बाद लंबे समय से रोजगार को लेकर परेशान स्थानीय श्रमिकों ने राहत मिलने की संभावना दिख रही है.

उत्तरकाशी में सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा हटाए गए स्थानीय श्रमिकों के मुद्दे पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान और बीआरओ (BRO) कमांडर राज किशोर के बीच हुई वार्ता के संबंध में मुख्य बातें, व्यवस्था और समाधान निकाला गया.

​वार्ता से निकला मुख्य हल एवं 20 दिन का फॉर्मूला
​रोटेशन व्यवस्था. बीआरओ और स्थानीय श्रमिकों के बीच रोजगार संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से बॉडर पर कार्य किया जायेगा.

​इस व्यवस्था के तहत स्थानीय श्रमिकों को 20 दिन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) निर्माण/रखरखाव के कार्य बाद सीमावर्ती उच्च पर्वतीय (Border Roads) सड़कों के रखरखाव कार्य में ड्यूटी दी जाएगी.​इससे किसी भी श्रमिक का पूरी तरह से रोजगार नहीं छीनेगा और सभी को बारी-बारी से रोजगार का समान अवसर मिल सकेगा।

​ स्थानीय रोजगार की सुरक्षा

​विधायक सुरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निवासियों का रोजगार बीआरओ की प्राथमिकताओं में होना चाहिए। कमांडर राज किशोर ने आश्वासन दिया कि हटाए गए श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से इस रोटेशन प्रणाली के तहत वापस काम पर रखा जाएगा।

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