प्रधान संगठन ने उठाई ग्राम प्रधानों की 10 सूत्रीय मांगें, सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग
नैनबाग (शिवांश कुंवर)। विकासखंड जौनपुर, टिहरी गढ़वाल के प्रधान संगठन ने ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार के समक्ष 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं। संगठन ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रधान संगठन की प्रमुख मांगों में मनरेगा एवं वीबी-जी रामजी (V-B-G RAMG) योजना में श्रमिकों की उपस्थिति को पूर्ण रूप से ऑफलाइन किए जाने की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जहां कई ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है। ऐसे में श्रमिकों की उपस्थिति के लिए नेटवर्क को अनिवार्य किए जाने से योजनाओं के संचालन में दिक्कतें आती हैं।
संगठन ने ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाने की मांग की है। साथ ही जिला योजना मद में विकास कार्यों के प्रस्तावों को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में अनिवार्य रूप से पारित कराने और प्रधान संगठन को जिला योजना की बैठक में आमंत्रित किए जाने की मांग भी रखी गई है।
प्रधान संगठन ने पंचायतीराज एक्ट में पारित सभी 29 विभागों को शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की मांग की है। इसके अलावा विधायक एवं सांसद निधि की तर्ज पर बजट में ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था करने की मांग की गई है, ताकि इस निधि का उपयोग आकस्मिक आपदा एवं आवश्यक विकास कार्यों में किया जा सके।
संगठन ने किसी भी विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाए जाने, ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पंचायतीराज विभाग के माध्यम से कराए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की सर्वे-2024 सूची में नाम होने के बावजूद सॉफ्टवेयर से नाम हटने की स्थिति में तत्काल संशोधन कर पात्र लाभार्थियों के नाम दोबारा शामिल किए जाने की मांग की है।
वहीं, 16वें वित्त आयोग की गाइडलाइन के अनुसार परिवार टैक्स के रूप में 100 रुपये प्रतिमाह यानी 1200 रुपये वार्षिक की बाध्यता समाप्त करने तथा टैक्स नहीं लगाने पर 20 प्रतिशत कटौती के आदेश को निरस्त करने की मांग भी की गई है।
प्रधान संगठन ने ग्राम प्रधानों को न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने तथा वार्ड सदस्यों को बैठक मानदेय उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।
प्रधान संगठन जौनपुर के अध्यक्ष प्रदीप कवि ने कहा कि ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों को पर्याप्त अधिकार एवं संसाधन उपलब्ध कराए बिना ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास संभव नहीं है। संगठन ने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।


