टिहरी में संस्कृत स्पर्धा का शुभारंभ, 648 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा

टिहरी में संस्कृत स्पर्धा का शुभारंभ, 648 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा

 

देवप्रयाग। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान, हरिद्वार की ओर से सत्र 2026-27 के लिए जनपद टिहरी की संस्कृत स्पर्धा का शुभारंभ 7 अक्टूबर को पतंजलि गुरुकुलम्, मूल्याग्राम देवप्रयाग में हुआ। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण, संवर्धन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में जनपद के नौ विकासखंडों से 648 प्रतिभागी एवं विजेता दल हिस्सा ले रहे हैं।

 

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रघुनाथ कीर्ति परिसर, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पी.वी.सी. सुब्रमण्यम ने संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है। इसके अध्ययन से व्यक्ति में संस्कारों का स्वतः जागरण होता है। विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार निलय उपाध्याय ने संस्कृत साहित्य को समृद्ध बताते हुए कहा कि संस्कृत साहित्य में संस्कृति और संस्कारों का अद्भुत समावेश है। सरस्वत अतिथि डॉ. भारती कनौजिया ने संस्कृत को देववाणी बताते हुए कहा कि इसके अध्ययन से मनुष्य में नई चेतना का संचार होता है। पतंजलि गुरुकुलम् की प्राचार्या साध्वी देवश्रुति ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में उपयोगी साबित होंगी। विशिष्ट अतिथि विश्वेश वाग्मी ने संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा बताते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी संस्कृत की उपयोगिता महत्वपूर्ण हो सकती है। जनपद संयोजक डॉ. शैलेंद्र दत्त डोभाल ने उत्तराखंड संस्कृत संस्थान की गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी दी।

 

 

जनपद सहसंयोजक डॉ. चंद्रशेखर नौटियाल ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता 7 और 8 अक्टूबर को दो दिन तक चलेगी। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी 23-24 अक्टूबर को हरिद्वार में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। प्रतियोगिताएं कनिष्ठ और वरिष्ठ दो वर्गों में आयोजित की जा रही हैं। कनिष्ठ वर्ग में कक्षा 6 से 10 तथा वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 11 से स्नातकोत्तर तक के विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता में संस्कृत नाटक, संस्कृत समूह गान, संस्कृत समूह नृत्य, संस्कृत वाद-विवाद, संस्कृत आशुभाषण और संस्कृत श्लोकोच्चारण सहित छह विधाएं शामिल हैं। प्रतियोगिता में राजकीय, अशासकीय, निजी, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, संस्कृत विद्यालय एवं सरस्वती विद्या मंदिर सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर ख्यालीराम डिमरी, पुष्पेंद्र शर्मा, नीरज पैन्यूली, डॉ. मंत्री प्रसाद सेमवाल, डॉ. कमल डिमरी, चिंतामणि नवानी, सोहनलाल गौड़ सहित नौ विकासखंडों के खंड संयोजक, निर्णायक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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