जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में मनाया गया 27वां विश्व दृष्टि दिवस, आंखों की नियमित जांच का दिया संदेश
उत्तरकाशी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में 27वां विश्व दृष्टि दिवस जागरूकता कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. बी.एस. रावत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय ने आमजन को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को निःशुल्क मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाते हैं। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यदिवस पर ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी, दृष्टिदोष सहित विभिन्न नेत्र रोगों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी आंखों की नियमित जांच करवाने की अपील करते हुए कहा कि आंखें अनमोल हैं, इन्हें स्वस्थ और सुरक्षित रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उक्त विश्व दृष्टि दिवस समस्त चिकित्सा स्वास्थ्य इकाइयों में मनाया जा रहा है एवं आमजन को निःशुल्क उपचार प्रदान किया जा रहा है।

प्रमुख अधीक्षक डॉ. बी.एस. रावत ने दृष्टिहीनता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर नेत्र जांच, उचित उपचार एवं जागरूकता के माध्यम से कई प्रकार की दृष्टि संबंधी समस्याओं और दृष्टिहीनता से बचाव संभव है। उन्होंने लोगों से नेत्र संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
जिला चिकित्सालय की नेत्र शल्यक डॉ. मुक्ता उनियाल ने नेत्र रोगों एवं आंखों की सुरक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि मोतियाबिंद दृष्टिहीनता के प्रमुख कारणों में से एक है, जिसका समय पर ऑपरेशन कर दृष्टिहीनता से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मधुमेह से पीड़ित मरीजों में नियमित नेत्र जांच के माध्यम से डायबिटिक रेटिनोपैथी की समय पर पहचान कर उससे होने वाली दृष्टिहीनता को रोका जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर स्वयं उपचार न करें, बल्कि चिकित्सकीय परामर्श लें तथा नियमित रूप से नेत्रों की जांच करवाएं।
इस अवसर पर डॉ. प्रेम पोखरियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एनएचएम), डॉ. अर्चना ओझा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डॉ. मुकेश राय, नोडल अधिकारी अंधता निवारण कार्यक्रम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक हरदेव राणा, दृष्टिमितिज्ञ विनोद कुमार, नर्सिंग अधिकारी उषा जोशी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


