15 दिवसीय ‘विरासत कला एवं धरोहर महोत्सव’ और भी होगा भव्य एवं ऐतिहासिक : आरके सिंह
देहरादून
रिच संस्था प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बहुत ही आकर्षक एवं बेहतरीन पैमाने पर शाही सांस्कृतिक लोक कलाकारों को लेकर विरासत आर्ट और हेरिटेज फेस्टिवल 2026 का भव्यतम आयोजन करने जा रही है I संस्था के संस्थापक आरके सिंह ने कहा है कि विरासत को हम इंटरनेशनल लेवल पर निश्चित रूप से ले जाएंगे I
संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष आरके सिंह ने आज यहां राजपुर रोड स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि इस बार विरासत महोत्सव का भव्य आयोजन नींबू वाला में हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में किया जा रहा है, ताकि यहां पर एक बेहतरीन अनुभव के साथ पारंपरिक नए रूप में “विरासत महोत्सव” का आगाज हो सके, साथ ही यातायात की समस्या एवं शाही मेहमानों के आगमन पर उनको कोई भी असुविधा न हो सके I श्री आरके सिंह ने बताया कि हेरिटेज कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के प्रेमियों के लिए ‘रिच’ विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल 2026’ इस वर्ष एक नए, भव्य और विशाल परिसर में आयोजित होने जा रहा है। यह महोत्सव 23 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 6 नवंबर 2026 तक चलेगा । इस वर्ष महोत्सव का आयोजन दून के निंबूवाला स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर में किया जाएगा I उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह है की विरासत को हम इंटरनेशनल स्तर पर लेकर जाएं और इस प्रयास में हम निश्चित रूप से अतिशीघ्र सफलही होंगे I उन्होंने कहा कि इस ऑडिटोरियम में 29 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, साथ ही थिएटर फेस्टिवल भी हम शुरू करने जा रहे हैं I आरके सिंह ने यह भी कहा कि हमारी कोशिश यह है कि इस नए आयोजन स्थल पर विरासत के शाही मेहमान चार्टर प्लेन लैंड करके सीधे कार्यक्रम में शिरकत कर सकें I उन्होंने कहा कि महोत्सव का शुभारंभ छोलिया नृत्य और उप्रेती बहनों की लोक संगीत प्रस्तुति के साथ होगा। उद्घाटन समारोह में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति भी होगी, जिसमें सुप्रसिद्ध ठुमरी गायक पंडित साजन मिश्रा और स्वरांश मिश्रा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। ये दोनों कलाकार पूर्व में भी कई बार विरासत के मंच की शोभा बढ़ा चुके हैं।15 दिवसीय महोत्सव का समापन 6 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गायिका ऊषा उत्थुप की शानदार प्रस्तुति के साथ होगा। 15 दिनों तक देहरादून के नागरिकों को भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगीत, नृत्य, कला और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। यह महोत्सव सदैव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए जाना जाता रहा है। महोत्सव में खरीदारी के शौकीनों के लिए भी आकर्षक अवसर उपलब्ध होंगे। यहाँ पारंपरिक परिधानों, भारत एवं विदेशों से लाए गए उत्कृष्ट सूखे मेवों, मुलायम ऊनी गद्दों, लकड़ी की नक्काशी से बनी वस्तुओं, धातु शिल्प, रजाइयों, आकर्षक फर्नीचर तथा सैकड़ों अन्य उपयोगी और कलात्मक उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला देखने और खरीदने को मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष हिमालयन कल्चरल सेंटर के विशाल परिसर में आयोजित होने वाला विरासत महोत्सव दर्शकों को खरीदारी के साथ-साथ क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय लोक कलाओं का आनंद लेने का अनूठा अनुभव प्रदान करेगा। विरासत विलेज और एम्फीथिएटर में विभिन्न लोक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी। लोक कला एवं पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ : महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण लोक नाट्य प्रस्तुति ‘चक्रव्यूह’ होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड की विविध लोक परंपराओं और लोक कलाओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्पर्श ट्राइबल सोशल ऑर्गनाइजेशन के कलाकारों द्वारा जौनसारी लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएँगे। जौनसार बावर लोक सुर संगम तथा जौनसार बावर सांस्कृतिक हिलोयात रंगमंच द्वारा लोक नृत्य एवं संगीत की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। आस सोशल एंड कल्चर सोसाइटी द्वारा कुमाऊँनी लोक संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा कोटद्वार की सरिता बनोला गढ़वाली लोक नृत्यों की प्रस्तुति देंगी। महिला जागृति समिति द्वारा गढ़वाली संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए जाएँगे। इसके अतिरिक्त पांडवानी लोक कला मंच द्वारा लोक प्रस्तुतियाँ तथा सुनिधि द्वारा कुमाऊँनी लोक कला का प्रदर्शन किया जाएगा।


