डंपिंग जोन के अभाव में यमुना नदी में फेंका जा रहा कूड़ा, जिम्मेदार विभाग मौन!

डंपिंग जोन के अभाव में यमुना नदी में फेंका जा रहा कूड़ा, जिम्मेदार विभाग मौन!

नैनबाग तहसील क्षेत्र में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर

पर्यावरण और नदी की स्वच्छता पर मंडराया खतरा; वर्षों से उठ रही मांग, अब तक नहीं निकला समाधान

नैनबाग (शिवांश कुंवर)- नैनबाग तहसील क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में डंपिंग जोन नहीं होने से कहीं यमुना नदी में तो कहीं आबादी के आसपास खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यमुना नदी के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से समस्या उठाए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

स्थानीय स्तर पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले में बिखरा कूड़ा पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम कब उठाएंगे?

तहसील दिवस में कई बार उठ चुका है मुद्दा

पूर्व प्रधान गंभीर रावत का कहना है कि नैनबाग क्षेत्र में डंपिंग जोन बनाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। तहसील दिवस में भी इस संबंध में प्रस्ताव और मांग रखी गई, लेकिन अब तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते डंपिंग जोन का निर्माण कर दिया गया होता, तो आज जगह-जगह खुले में कूड़ा फेंकने की नौबत नहीं आती।

उनका कहना है कि कूड़ा निस्तारण जैसी बुनियादी व्यवस्था को लेकर लगातार मांग किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। यदि जल्द ही उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।

विधायक की पहल, कूड़ा वाहन मिला; लेकिन डंपिंग जोन का इंतजार

क्षेत्र में कूड़ा एकत्र करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विधायक प्रीतम सिंह पंवार की ओर से नैनबाग को एक कूड़ा वाहन उपलब्ध कराया गया है। यह पहल कूड़ा संग्रहण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन कूड़े के अंतिम निस्तारण के लिए उचित स्थान का अभाव अब भी बना हुआ है।

कूड़ा वाहन उपलब्ध होने के बावजूद यदि डंपिंग जोन ही नहीं होगा, तो एकत्र किए गए कूड़े का व्यवस्थित निस्तारण करना चुनौती बना रहेगा। ऐसे में केवल वाहन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था विकसित करना भी जरूरी है।

आखिर कब बनेगा नैनबाग में डंपिंग जोन?

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें संबंधित विभागों और प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि नैनबाग में जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान चिह्नित कर डंपिंग जोन का निर्माण कराया जाए, ताकि यमुना नदी और आसपास के क्षेत्रों में खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या पर रोक लग सके।

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