विरासत की स्टेज पर बुद्धिमान बच्चों की दिखी दमदार प्रतिभाएं
हेरिटेज क्विज़ में भिन्न भिन्न 19 विद्यालयों के होनहार विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग, चार टीमों ने अगले चरण के लिए बनाया स्थान
विरासत महोत्सव में “क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल” के नाम रहा शनिवार का दिन, कई अपराधिक घटनाओं एवं मानवाधिकारों के संबंध में जन जागरूकता के दिए गए टिप्स
उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार सहित कई ऑफिसर्स हस्तियों ने किया प्रतिभाग
देहरादून
विरासत की एजुकेशनल स्टेज पर हेरिटेज क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूली बच्चों ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया और अपनी- अपनी प्रतिभाएं दिखाई I
रीच संस्था द्वारा आयोजित किए जा रहे विरासत महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर, निंबूवाला में स्कूली विद्यार्थियों के लिए विरासत हेरिटेज क्विज़ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 19 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी ज्ञान क्षमता तथा त्वरित व होनहार ऊर्जावान प्रतिभा सोच का प्रदर्शन किया। क्विज़ में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना, उनकी बौद्धिक क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना था।
प्रतियोगिता के बाद चार टीमों ने अगले चरण के लिए स्थान हासिल किया। इनमें ओक ग्रोव स्कूल की दो टीमें, समर वैली स्कूल की एक टीम और द ओएसिस की एक टीम शामिल रही। प्रत्येक टीम में दो विद्यार्थी शामिल रहे। खास बात यह रही कि विरासत की इस क्विज प्रतियोगिता में बच्चों के हुनर और जज्बे की प्रशंसा एवं सराहना की गई I क्विज़ प्रतियोगिता के इस आयोजन में प्रतिभाग करने वाले बच्चों के भीतर पूरा उत्साह और जुनून दिखाई दिया I
विरासत महोत्सव में “क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल” के नाम रहा शनिवार का दिन
कई अपराधिक घटनाओं एवं मानवाधिकारों के संबंध में जन जागरूकता के दिए गए टिप्स
उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार सहित कई ऑफिसर्स हस्तियों ने किया प्रतिभाग
विरासत महोत्सव-2026 में शनिवार को द्वितीय सत्र के दौरान “क्राइम लिट्रेचर फेस्टिवल” कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें कि उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार सहित कई ऑफिसर्स हस्तियों ने प्रतिभाग करते हुए अनेक अपराधिक घटनाओं एवं मानवाधिकारों को लेकर जन जागरूकता के विषय में महत्वपूर्ण टिप्स दिए I
रीच संस्था द्वारा आयोजित किए जा रहे इस 15 दिवसीय विरासत महोत्सव में भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को जहां जी-जान लगाकर संकलित किया जा रहा है, वहीं जन जागरूकता से संबंधित और भी कई महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण जानकारियां दिए जाने का सिलसिला चल रहा है I इसी के तहत आज शनिवार को क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल आयोजित किया गया, जो कि अनेक आपराधिक घटनाओं एवं मानव अधिकार आयोग में निहित अधिकारों को लेकर जागरूक करने की महत्वपूर्ण जानकारियां आला अफ़सरों द्वारा दी गयीं I
विरासत के मंच पर यह “क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल” का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम विरासत के सभी मेहमानों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा I दून कल्चरल एंड लिटरेरी सोसाइटी (DCLS) द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम में अपराध साहित्य, भारतीय पुलिस व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और अपराध मनोविज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ और रिटायर्ड पूर्व डीजीपी अशोक कुमार ने इन्हीं बिंदुओं को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया I
कार्यक्रम की शुरुआत “द जर्नी सो फार, द रोड अहेड” सत्र से हुई, जिसमें अशोक कुमार, आलोक लाल और रूपा सोनी ने फेस्टिवल के चार वर्षों के सफर, उपलब्धियों, रोचक संवादों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। तत्पश्चात “सिक्योरिंग टुमारो” सत्र में भारत की आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई, आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों, क्षमताओं और आगे की राह पर विचार किया गया। यह चर्चा अशोक कुमार की पुस्तक “चैलेंजेज टू इंटरनल सिक्योरिटी ऑफ इंडिया” (आठवां संस्करण) पर आधारित रही। सत्र में पूर्व डीजीपी, उत्तराखंड अशोक कुमार ने जहां वक्ता के रूप में शिरकत की, तो वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्मकार सतीश शर्मा के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जो कि काफी महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक रहा I
आज के इस क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल में “बिहाइंड द बैज” सत्र के दौरान यशोवर्धन आज़ाद और ताज हसन ने भारतीय पुलिस व्यवस्था के अनुभवों और उसके भीतर की कहानियों पर चर्चा की। इस संवाद का संचालन अनुपमा खन्ना ने बहुत ही ओजस्वीतथा ज्ञानवर्धक रूप में किया।
जबकि “द लॉन्ग आर्म ऑफ द लॉ” सत्र में आलोक लाल और मानस लाल ने कानून की पहुंच और अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकानों की अनुपस्थिति पर विचार साझा किए। इस सत्र में आरजे काव्या ने भी अपना अनुभव साझा किया I कार्यक्रम के अगले सत्र “इनसाइड द क्रिमिनल माइंड” में निजी जासूस देव की भागीदारी भी रही। डॉ. रूबी गुप्ता के साथ बातचीत में प्रेम, विश्वासघात, जुनून और प्रतिशोध जैसे विषयों के माध्यम से अपराधी मनोविज्ञान पर चर्चा की गई I चर्चा में अपराधियों की मानसिकता, आपराधिक व्यवहार और अपराध के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला गया। सत्र का मुख्य संदेश वैवाहिक अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना, रिश्तों में सम्मान बनाए रखना तथा समाज के नियमों, कानूनों और विनियमों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित करना था, ताकि एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।


