उत्तरकाशी में आत्मनिर्भरता की नई पहल: बुरांश जूस प्रशिक्षण से महिलाओं और युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार
उत्तरकाशी में आत्मनिर्भरता की नई पहल: बुरांश जूस प्रशिक्षण से महिलाओं और युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार
इस समय बुरांश के फ्लोरिंग सीजन है, इस दौरान आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जूस निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया—कच्चे माल के चयन, स्वच्छता मानकों, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग और विपणन—की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, जिससे वे भविष्य में अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में सीखने का विशेष उत्साह और आत्मनिर्भर बनने की मजबूत इच्छा दिखाई दे रही है।
विभाग द्वारा समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी जाकर महिलाओं को जागरूक कर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आय के नए अवसर विकसित कर सकें। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है, जिनके अंतर्गत लगभग 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध है जिसमें 35% केंद्र की और 25% राज्य सरकार दे रही है। साथ ही संबंधित विभाग बैंक के माध्यम से ऋण सुविधा दिलाने में भी सहायता कर रहा है, जिससे महिलाएं एवं युवाओं अपना व्यवसाय स्थापित कर सफलतापूर्वक संचालन कर सकें हैं। यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
