गंगोत्री धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; मंदिर समिति और सरकार के तालमेल से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
गंगोत्री धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; मंदिर समिति और सरकार के तालमेल से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
धनोल्टी एक्सप्रेस न्यूज़
गंगोत्री (वीरेंद्र सिंह नेगी )- ऊंचे हिमशिखर, कल-कल करती भागीरथी और देवभूमि उत्तराखंड की वो पावन धरा, जहाँ से माँ गंगा का धरती पर अवतरण हुआ। गंगोत्री की यात्रा आमतौर पर ऋषिकेश से शुरू होती है। यहाँ से लगभग 270 किलोमीटर का सफर आपको उत्तरकाशी की वादियों में ले जाता है। रास्ते में ‘सुक्खी टॉप’ की पहाड़ियाँ और ‘हर्षिल’ के सेब के बाग इस यात्रा को बेहद खूबसूरत बना देते हैं।
समुद्र तल से 3,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह सफेद व सुनहरा भव्य मंदिर माँ गंगा को समर्पित है। पौराणिक कथा कहते हैं, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए यहाँ घोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर आईं। मंदिर के पास स्थित ‘भगीरथ शिला’ आज भी उस तपस्या की गवाह है।

गंगोत्री धाम के सचिव सुरेश सेमवाल ने चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का धन्यवाद किया. सचिव ने कहा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के आने आने से यहां मंदिर समिति व गंगोत्री धाम की व्यवस्था सही चल रही है. साथ ही श्रद्धालुओं की अच्छी खासी संख्या गंगोत्री धाम पहुंच रही है। श्रद्धालुओं के लिए गंगोत्री मंदिर समिति द्वारा सभी व्यवस्था की गई है।
