उत्तरकाशीउत्तराखंड

विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत जनपद में जागरूकता कार्यक्रम और निःशुल्क जांच शिविर आयोजित

विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत जनपद में जागरूकता कार्यक्रम और निःशुल्क जांच शिविर आयोजित

उत्तरकाशी- जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर 8 मार्च से 14 मार्च 2026 तक विभिन्न जागरूकता एवं जांच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एस रावत ने बताया कि इस वर्ष की थीम “Uniting for a Glaucoma Free World” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) के प्रति जागरूक करना तथा समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना है।

उनके द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद के समस्त ब्लॉक चिकित्सा इकाइयों में इस सप्ताह के दौरान दृष्टिमितिज्ञो द्वारा जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ ग्लूकोमा जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों को काला मोतियाबिंद के लक्षण, जोखिम कारक तथा समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही ग्लूकोमा के मरीजों की जांच कर नेत्र शल्यक की परामर्श हेतु जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी को संदर्भित किया जा रहा है ताकि समय से काला मोतियाबिंद की जांच कर उपचारित किया जा सके। आशा कार्यकत्रियों एवं सी एच ओ के माध्यम से अपने अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में 12 मार्च 2026 को नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ आस्था रावत एवं दृष्टिमितिज्ञ विनोद कुमार द्वारा एक वेबिनार (ऑनलाइन बैठक) आयोजित कर सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के दृष्टिमितिज्ञो को ग्लूकोमा की पहचान, जांच एवं उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। डॉ आस्था रावत ने बताया कि ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जिसमें आंख के अंदर का दबाव बढ़ने से आंख की नस (ऑप्टिक नर्व) प्रभावित हो सकती है। प्रारंभिक अवस्था में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए समय-समय पर आंखों की जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।

प्रमुख अधीक्षक डॉ पी एस पोखरियाल ने जानकारी दी कि जिला चिकित्सालय में आधुनिक नॉन-कॉन्टैक्ट टोनोमीटर की सहायता से आंखों के दबाव की जांच की जा रही है। इसके माध्यम से ग्लूकोमा की प्रारंभिक पहचान संभव है और समय पर उपचार कर दृष्टि हानि से बचाव किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एस रावत द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि विशेष रूप से मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच कराएं। जिला चिकित्सालय एवं अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क नेत्र जांच की सुविधा उपलब्ध है।

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