मानसून और कांवड़ यात्रा को लेकर एसपी उत्तरकाशी सख्त, अधिकारियों को दिए सुरक्षा और त्वरित राहत के निर्देश.
मानसून और कांवड़ यात्रा को लेकर एसपी उत्तरकाशी सख्त, अधिकारियों को दिए सुरक्षा और त्वरित राहत के निर्देश.
उत्तरकाशी
मानसून सीजन और आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय ने पुलिस, फायर और एसडीआरएफ के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में मानसून के दौरान आपदा न्यूनीकरण, त्वरित राहत-बचाव कार्य और कांवड़ियों व तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई।
*जन सुरक्षा सर्वोपरि, लैंडस्लाइड पर तुरंत हो एक्शन*
एसपी कमलेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान जन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित जोखिम वाले और संवेदनशील स्थानों (ब्लैक स्पॉट/लैंडस्लाइड जोन) को चिन्हित कर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। भारी वर्षा, भूस्खलन या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में पुलिस, फायर और एसडीआरएफ को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
कांवड़ यात्रा के लिए पुख्ता यातायात और सुरक्षा प्लान
आगामी कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने सख्त लहजे में कहा कि श्रद्धालुओं और आमजन के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत विनम्र होना चाहिए।ओवरस्पीड, ड्रिंक एंड ड्राइव और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
*स्थानीय लोग हैं फर्स्ट रिस्पॉन्डर*
एसपी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और आपदा स्वयंसेवकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। दैवीय आपदा के समय स्थानीय लोग ही ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ (सबसे पहले मदद पहुँचाने वाले) की भूमिका निभाते हैं और सूचनाओं का सबसे सटीक माध्यम होते हैं।
*मॉक ड्रिल की कमियों को सुधारने और 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश*
बैठक के दौरान बीते 2 जुलाई को आयोजित की गई मॉक ड्रिल की समीक्षा भी की गई। एसपी ने अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों को तुरंत सुधारने और आपातकालीन परिस्थितियों में संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। सभी थानों, फायर स्टेशनों और एसडीआरएफ प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने राहत-बचाव उपकरणों को जांचकर हमेशा चालू हालत में रखें और 24×7 अलर्ट मोड पर रहें।
*शैडो एरिया में सैटेलाइट फोन से रहेगी कनेक्टिविटी*
संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम, डायल 112 और सभी हेल्पलाइन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता (शैडो एरिया), वहां सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वायरलेस और सैटेलाइट फोन की कनेक्टिविटी दुरुस्त रखने को कहा गया है। एसपी ने कहा कि, “मानसून के दौरान सतर्कता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई ही जनसुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।
इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार, प्रतिसार निरीक्षक शिव कुमार, निरीक्षक एलआईयू विकास नौटियाल, निरीक्षक अजय सिंह, टीकम चौहान, अशोक कश्यप, भारु सिंह चौहान, एसडीआरएफ उपनिरीक्षक आशुतोष चौहान और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी खजान सिंह चौहान सहित सभी कोतवाली व थाना प्रभारी उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, यमुनावैली के पुलिस अधिकारियों और प्रभारी निरीक्षक हर्षिल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल रूप) के जरिए बैठक में प्रतिभाग किया।
