राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में नमामि गंगे वाटिका का उद्धघाटन
राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में नमामि गंगे वाटिका का उद्धघाटन
खाड़ी/टिहरी- राजकीय महाविद्यालय खाड़ी, टिहरी गढ़वाल में नमामि गंगे समिति के अंतर्गत “नमामि गंगे वाटिका” का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण रहा और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नमामि गंगे केवल एक योजना नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक है। देशज पौधों का संरक्षण ही हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण दे सकता है। साथ ही उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण एक जन आंदोलन बन सकता है।
इस अवसर पर वाटिका में विभिन्न इंडिजिनस (देशज) पौधों का रोपण किया गया, जो स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वक्ताओं ने बताया कि ऐसे पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को समृद्ध करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में बैमुंडा की वन विभाग की टीम का विशेष सहयोग रहा। टीम ने पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और उपस्थित लोगों को पौधों के संरक्षण एवं देखभाल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनके योगदान की सभी ने सराहना की।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। यह पहल क्षेत्र में हरित विकास और जागरूकता को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
