चम्पावत के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिला NQAS प्रमाणन, राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन
चम्पावत के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिला NQAS प्रमाणन, राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन
भारत सरकार की टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण, नर्सिंगडण्डा और भागनामेहरा ने गुणवत्ता मानकों पर हासिल की बड़ी सफलता
चम्पावत
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम (National Quality Assurance Standards-NQAS) के तहत चम्पावत जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर नर्सिंगडण्डा और आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागनामेहरा ने राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हुए NQAS प्रमाणन प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत सरकार की क्वालिटी एश्योरेंस टीम, जिसमें डॉ. आनंदी बिष्ट, डॉ. विक्रांत, डॉ. मीनाक्षी गौतम एवं लेफ्टिनेंट कर्नल कीर्ति मान शामिल थे, ने दोनों आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का बाह्य मूल्यांकन (External Assessment) किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं की गुणवत्ता, रिकॉर्ड प्रबंधन, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं तथा स्वास्थ्य मानकों का गहन परीक्षण किया गया।
मूल्यांकन के दौरान टीम ने 12 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। इनमें बुनियादी मौखिक स्वास्थ्य देखभाल, सामान्य नेत्र एवं ईएनटी सेवाएं, गर्भावस्था एवं प्रसव देखभाल, नवजात, शिशु, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य सेवाएं, वृद्धजन एवं प्रशामक देखभाल, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, परिवार नियोजन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य एवं संचारी रोगों का प्रबंधन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं तथा रोगों की जांच एवं बुनियादी उपचार शामिल रहे।
मूल्यांकन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर नर्सिंगडण्डा को 82.62 प्रतिशत तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागनामेहरा को 83.96 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करने पर दोनों स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS प्रमाणन प्रदान किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने इस उपलब्धि पर दोनों स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि चम्पावत जैसे दुर्गम एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सभी स्वास्थ्यकर्मियों का सराहनीय योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिले की अन्य स्वास्थ्य इकाइयां भी इसी तरह राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त करेंगी।
निरीक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया में जिला क्वालिटी कंसल्टेंट प्रवीण भट्ट तथा रीजनल क्वालिटी कंसल्टेंट रुपेश ममगई ने भी टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान किया। वहीं नर्सिंगडण्डा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शुभम कुमार प्रजापति, एएनएम आशा आर्य एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा भागनामेहरा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जिज्ञासा बिष्ट, एएनएम गीता बोहरा, आशा कार्यकर्ताओं और योग प्रशिक्षक ने निरीक्षण के दौरान सक्रिय सहयोग दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
