उत्तरकाशीउत्तराखंड

यात्रियों की सुरक्षा और आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, पुरोहितों ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

यात्रियों की सुरक्षा और आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, पुरोहितों ने खोला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

 

उत्तरकाशी(वीरेंद्र सिंह नेगी)- गंगोत्री धाम में व्यवस्थाओं को लेकर गंगा पुरोहितों का गुस्सा फूट पड़ा है। यात्रा सीजन शुरू हुए डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी धाम में बदइंतजामी हावी है, जिससे तीर्थ पुरोहितों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। पुरोहितों का सीधा आरोप है कि प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित स्नान, सुचारू दर्शन और पूजा-अर्चना की व्यवस्था देने की अपनी मूल जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुका है।

पूर्व में जिला अधिकारी (DM) को भी इस समस्या से लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। लेकिन डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी घाटों पर सुविधाओं के नाम पर ‘शून्य’ व्यवस्था है।

​मुख्य घाट बंद होने से यात्री जान जोखिम में डालकर असुरक्षित जगहों पर स्नान कर रहे हैं तीर्थ यात्री। पुरोहितों का कहना है अगर कोई अनहोनी हो गई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? प्रशासन की इस घोर उदासीनता के कारण आज गंगोत्री धाम के समस्त तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पुरोहितों का कहना है कि यह न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ है, बल्कि सनातन परंपरा और धाम की मर्यादा का भी अपमान है।

​गंगा पुरोहितों ने कहा कि सरकार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  और उत्तरकाशी प्रशासन से सीधे मांग करते हैं कि इस मुख्य घाट को तुरंत आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए और यहाँ पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं। घाटों पर बुनियादी सुविधाएं तुरंत दुरुस्त की जाएं।
​भक्तों की आस्था और सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ बंद होना चाहिए।सुमन सेमवाल,विजय प्रकाश सेमवाल राजेश सेमवाल, श्रीनिवास सेमवाल अंकित सेमवाल आदि गंगा पुरोहितों ने आक्रोश जताया।

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