गंगोत्री धाम में एसडीआरएफ जवान की सूझबूझ और साहस से 77 वर्षीय श्रद्धालु की बची जान, गंगा पुरोहितों ने गंगा घाट का कार्य पूर्ण ना होने पर जताई प्रशासन पर नाराजगी
गंगोत्री धाम में एसडीआरएफ जवान की सूझबूझ और साहस से 77 वर्षीय श्रद्धालु की बची जान, गंगा पुरोहितों ने गंगा घाट का कार्य पूर्ण ना होने पर जताई प्रशासन पर नाराजगी
उत्तरकाशी (वीरेंद्र सिँह नेगी)- गंगोत्री धाम में एक घटना देखने को मिली. जिसमें गंगोत्री धाम के गंगा स्नान घाट में यात्री स्न्नान करने समय गंगा नदी मे फिसल गया. वहा गंगा की धारा के साथ बहने लगा. जिसमे एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने समय रहते यात्री को सकुशल बचा दिया.
Vol.एसडीआरएफ (SDRF) के जवान ने जिस तरह अपनी जान की परवाह न करते हुए उफनती नदी में छलांग लगाई, वह उनकी कर्तव्यनिष्ठा और वीरता का अद्भुत उदाहरण है. उनकी इस त्वरित कार्रवाई की वजह से ही यात्री की जान समय रहते बचाई जा सकी।
गंगोत्री धाम में पैर फिसलने के कारण एक यात्री नदी के तेज बहाव में बहने लगा था। पास ही तैनात SDRF जवान नवीन पोखरियाल ने बिना वक्त गंवाए नदी में कूदकर यात्री को सकुशल बाहर निकाल लिया।
गंगोत्री मंदिर समिति के गंगा पुरोहितों ने जवान नवीन पोखरियाल की इस बहादुरी की जमकर सराहना की और उन्हें सम्मानित किया।
गंगा पुरोहितो द्वारा प्रशासन पर दिखी नाराजगी- इस हादसे के बाद गंगा पुरोहित संजीव सेमवाल व् अन्य गंगा पुरोहितों ने सिंचाई विभाग, उत्तरकाशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.उनका कहना है कि विभाग ने समय रहते गंगोत्री धाम के गंगा घाटों पर सुरक्षित स्नान घाटों का निर्माण नहीं कराया, जिसके कारण यहां लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं. आगे भी हो सकते है।
साथ ही उत्तरकाशी पुलिस प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया.कि गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी श्रद्धालु अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा गंगा घाटों के किनारों एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें.पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें नदी में उतरकर स्नान करने का प्रयास न करें.स्नान हेतु लोटे अथवा मग के माध्यम से गंगाजल लेकर स्नान करें, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके. आपकी सतर्कता और सहयोग ही आपकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा।
