उत्तरकाशीउत्तराखंड

विश्व जनसंख्या दिवस पर परिवार नियोजन एवं प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

विश्व जनसंख्या दिवस पर परिवार नियोजन एवं प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

 

उत्तरकाशी

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आज जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी. एस. पोखरियाल के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति आमजन, विशेषकर लक्षित समूह को जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर वरिष्ठ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमाद्री ने उपस्थित लक्षित समूह को परिवार नियोजन के विभिन्न स्थायी एवं अस्थायी साधनों, सुरक्षित मातृत्व, जन्मांतराल के महत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि छोटा एवं स्वस्थ परिवार न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला भी है। उन्होंने सभी से उपलब्ध परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. पांगती ने बताया कि इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखी गई है। उन्होंने कहा कि इस थीम का उद्देश्य दंपत्तियों को बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो, परिवार का समग्र विकास सुनिश्चित हो तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।

प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी. एस. पोखरियाल ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में परिवार नियोजन सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से जागरूक होकर परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने तथा इस संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर गिरीश व्यास, परिवार नियोजन काउंसलर अंजू रमोला सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आज जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी. एस. पोखरियाल के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन सेवाओं के प्रति आमजन, विशेषकर लक्षित समूह को जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर वरिष्ठ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमाद्री ने उपस्थित लक्षित समूह को परिवार नियोजन के विभिन्न स्थायी एवं अस्थायी साधनों, सुरक्षित मातृत्व, जन्मांतराल के महत्व तथा प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि छोटा एवं स्वस्थ परिवार न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला भी है। उन्होंने सभी से उपलब्ध परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. पांगती ने बताया कि इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखी गई है। उन्होंने कहा कि इस थीम का उद्देश्य दंपत्तियों को बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो, परिवार का समग्र विकास सुनिश्चित हो तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।

प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी. एस. पोखरियाल ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में परिवार नियोजन सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से जागरूक होकर परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने तथा इस संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर गिरीश व्यास, परिवार नियोजन काउंसलर अंजू रमोला सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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