वन विभाग की नाक के नीचे कटते रहे प्रतिबंधित पेड़, बाइक सवार के घायल होने पर खुला खेल
वन विभाग की नाक के नीचे कटते रहे प्रतिबंधित पेड़, बाइक सवार के घायल होने पर खुला खेल
डुंडा रेंज के सेणी क्षेत्र का मामला – आरोपी पर ‘एच-2’ केस दर्ज, विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
उत्तरकाशी
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के समीप वन विभाग की नाक के नीचे प्रतिबंधित पेड़ों के अवैध कटान का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की कुंभकर्णी नींद तब टूटी, जब एक प्रतिबंधित पेड़ को काटते समय वह सड़क से गुजर रहे बाइक सवार पर जा गिरा, जिससे वह घायल हो गया। मामला डुंडा पुलिस चौकी तक पहुंचने के बाद वन विभाग ने आनन-फानन में आरोपी के खिलाफ ‘एच-2’ (H-2) केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे ने खोली विभाग की पोल
मिली जानकारी के अनुसार, डुंडा रेंज के अंतर्गत सेणी एरिया में एक व्यक्ति लंबे समय से प्रतिबंधित पेड़ों का अवैध कटान कर उन्हें बेचने का धंधा कर रहा था। बीते दिनों वह हमेशा की तरह गंगोत्री हाईवे के पास एक प्रतिबंधित पेड़ को काट रहा था। इसी दौरान पेड़ अचानक असंतुलित होकर मार्ग पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक बाइक सवार की बाइक नुकसान पहुंचा ।
बाइक सवार इस मामले को तुरंत डुंडा पुलिस चौकी पहुंचाया । पुलिस को सूचना मिलते ही जब छानबीन शुरू हुई, तब जाकर वन विभाग को इस बात की भनक लगी कि उनके क्षेत्र में इतना बड़ा अवैध कटान चल रहा था।
लापरवाही-अगर हादसा न होता, तो…
इस पूरे मामले ने वन विभाग की मुस्तैदी और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी व्यक्ति इससे पहले भी कई बार वन विभाग की नाक के नीचे से प्रतिबंधित पेड़ काटकर बेच चुका है।
बड़ा सवाल
अगर कल पेड़ काटने के दौरान बाइक सवार को चोटें नहीं आई होतीं और मामला पुलिस चौकी तक नहीं पहुंचता, तो यह तस्कर हर बार की तरह इस बार भी वन विभाग की नजरों से बचकर आसानी से निकल जाता।
विभाग ने दर्ज किया H-2 केस
देरी से ही सही, लेकिन मामला सामने आने के बाद वन विभाग बैकफुट पर है। विभाग द्वारा आरोपी व्यक्ति के खिलाफ वन अधिनियम के तहत H-2 केस (वन अपराध रिपोर्ट) दाखिल कर दिया गया है। वन विभाग SDO सुनील बलूनी का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अब तक कितने पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं।
