जौनपुर क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की उठी मांग, सीएम धामी से मिलेंगे जनप्रतिनिधि
जौनपुर क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की उठी मांग, सीएम धामी से मिलेंगे जनप्रतिनिधि
मसूरी- मसूरी के टाउन हॉल सभागार में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी की अध्यक्षता में जौनपुर क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक लोगों की बैठक हुई।
बैठक में मांग की गई है कि जौनपुर और रंवाई क्षेत्र की चार पट्टीयों को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जाए, जिसको लेकर शीघ्र ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा सीएम धामी और पूर्व सीएम विजय बहुगुणा से मिलकर इस संबंध में वार्ता की जाएगी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि 1967 में रंवाई क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया था, जबकि जौनपुर क्षेत्र के लोग भी पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि रंवाई क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है, जिस पर जौनपुर क्षेत्र के लोगों द्वारा भी क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करने की मांग वर्षों पुरानी है और 1976 से यह मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित होने के बाद जौनपुर क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार और अन्य सुविधा मिल पाएंगे, जिसके लिए विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी।
ग्राम प्रधान खैराड़ एवं जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि ने कहा कि रंवाई जौनपुर को अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग वर्षो पुरानी है और इसी के तहत जौनसार बाबर को जनजातीय क्षेत्र घोषित कर दिया गया था, जबकि जौनपुर की बोली भाषा और सभ्यता एक जैसी है और यहां के लोगों को भी अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जौनपुर रंवाई क्षेत्र को अनुसूचित जनजातियों क्षेत्र घोषित करने के लिए सभी जनप्रतिनिधि सीएम से भी वार्ता करेंगे।
जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत ने कहा कि जौनपुर क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग 1952 से की जा रही है जबकि 2003 में इस क्षेत्र को ओबीसी घोषित कर दिया गया था लेकिन जौनसार बावर के रीति रिवाज और सभ्यता रहन-सहन और खानपान मिलते जुलते हैं जिसके कारण जौनपुर क्षेत्र को भी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित करने की मांग की जा रही है। कहा कि सभी राजनीतिक दलों को राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास के लिए आगे आना होगा।
