इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों की शिकायतों पर जांच के आदेश, उक्रांद ने डीएम कार्यालय का घेराव एवं प्रदर्शन कर उठाया स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का मुद्दा
इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों की शिकायतों पर जांच के आदेश, उक्रांद ने डीएम कार्यालय का घेराव एवं प्रदर्शन कर उठाया स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का मुद्दा
उक्रांद ने सौंपा ज्ञापन; डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की निगरानी में इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित की
देहरादून
देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रिक बसों के ड्राइवरों एवं परिचालकों से जुड़ी विभिन्न शिकायतों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) महानगर देहरादून ने जिलाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी सीईओ को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों से संबंधित मामले की जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की निगरानी में कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।
उक्रांद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों की ओर से वेतन, PF/EPF, ESIC, ड्यूटी घंटे, ओवरटाइम, निलंबन एवं सेवा समाप्ति से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं। वहीं परिचालकों के चयन, सेवा शर्तों एवं निलंबन को लेकर भी कर्मचारियों द्वारा अपनी समस्याएं रखी गई हैं। दल ने इन शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों एवं प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
₹1,400 करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की जांच की मांग
उक्रांद महानगर अध्यक्ष प्रबीन चन्द रमोला ने स्मार्ट सिटी के अंतर्गत संचालित लगभग ₹1,400 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की स्वतंत्र वित्तीय, तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच की मांग भी उठाई।
उक्रांद ने मांग की है कि विभिन्न परियोजनाओं में बजट आवंटन, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान, संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं की भूमिका तथा मौके पर हुए कार्यों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही परियोजनाओं में स्वीकृत राशि और वास्तविक खर्च का भी परीक्षण किया जाए।
रमोला ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस कर्मचारियों की शिकायतों पर जांच के आदेश होना स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओं और उनमें हुए खर्च से जुड़े विषय भी जनहित एवं पारदर्शिता से जुड़े हैं। इसलिए इन मामलों पर भी सक्षम स्तर से स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री राजेंद्र बिष्ट, रघुवीर राणा, राजेश्वरी रावत, राम चौहान, शकुंतला रावत, भोला चमोली, यशपाल नेगी, जितेंद्र पवार, कपिल कुमार, मनोज भट्ट, रविंद्र ममगाई,जितेंद्र सिंह, अजय सिंह, रीता देवी, राम भट्ट, संदीप रावत सहित उक्रांद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं इलेक्ट्रिक बस चालक-परिचालक उपस्थित रहे।
