लखवाड़ बांध परियोजना प्रभावित काश्तकारों ने एसडीएम के समक्ष रखीं समस्याएं, उचित मुआवजे की मांग
नैनबाग (शिवांश कुंवर)- लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित काश्तकारों ने नैनबाग स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में धनोल्टी एसडीएम अंशुल भट्ट के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं। काश्तकारों ने प्रभावित परिवारों को भूमि और संपत्तियों का उचित एवं न्यायसंगत मुआवजा दिए जाने की मांग की।
लखवाड़ बांध परियोजना समिति के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र रावत ने कहा कि परियोजना से प्रभावित गांवों में परिवारों की दोबारा जनगणना कराई जानी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों और काश्तकारों का सही आंकड़ा सामने आ सके। उन्होंने बताया कि कई परिवार ऑनलाइन रजिस्टर में दर्ज नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें प्रभावित परिवार के तौर पर मिलने वाले मुआवजे का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
काश्तकारों ने लखवाड़ बांध परियोजना में लंबे समय से रिक्त पड़े जेई के करीब 40 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इन पदों के फ्रिज होने से परियोजना के कार्य प्रभावित होने के साथ ही स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर भी कम हुए हैं। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से पदों को अनफ्रिज कर जल्द विज्ञप्ति जारी करने की मांग की।
प्रभावित काश्तकारों ने प्रशासन से मांग की कि परियोजना प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे और जनगणना कराकर सभी पात्र काश्तकारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए। काश्तकारों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उनमें आक्रोश बढ़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया और पात्र प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं मिला तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। काश्तकारों ने प्रशासन से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
इस मौके पर गंभीर रावत, शरण सिंह पंवार, अर्जुन रावत, अनिल रावत आदि मौजूद रहे।


