‎पल्स पोलियो अभियान के तहत 46,953 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

‎पल्स पोलियो अभियान के तहत 46,953 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
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‎22 नवंबर को जनपद में 523 बूथों पर होगा प्रतिरक्षण कार्यक्रम, सीडीओ ने समय से तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश
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टिहरी- मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी उपराष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के सफल संचालन को लेकर जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में आगामी 22 नवंबर को पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के 46,953 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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‎अभियान के लिए जनपद में कुल 523 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें पर्वतीय क्षेत्र में 473 तथा ढालवाला क्षेत्र में 50 बूथ शामिल हैं। इन बूथों पर 105 सुपरवाइजर और 1,992 कार्मिक तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त घर-घर भ्रमण के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 946 तथा ढालवाला क्षेत्र में 17 टीमें गठित की गई हैं। बूथों पर 22 नवंबर को प्रातः 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद पर्वतीय क्षेत्रों में 23 एवं 24 नवंबर तथा ढालवाला क्षेत्र में 29 नवंबर तक घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को अभियान से संबंधित सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक पीने से वंचित न रहे। इसके लिए लक्षित बच्चों का सर्वेक्षण, बूथों पर पर्याप्त वैक्सीन की उपलब्धता तथा कोल्ड चेन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों, प्रवासी परिवारों और निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों तक भी अभियान की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा।
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‎स्वास्थ्य केंद्रों में एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
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‎इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई। बैठक में संबंधित चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई कमियों पर चर्चा करते हुए उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
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‎मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए तथा स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
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‎बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, एसीएमओ एनएचएम डॉ. निधि रावत, सीएमएस नरेंद्रनगर डॉ. अमित राय, डीपीआरओ एम.एम. खान, डीपीओ संजय गौरव सहित विभिन्न चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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