गंगोत्री: आस्था के सैलाब के बीच सुरक्षा पर संकट, कछुआ चाल से चल रहा चार करोड़ का कार्य
गंगोत्री: आस्था के सैलाब के बीच सुरक्षा पर संकट, कछुआ चाल से चल रहा चार करोड़ का कार्य
गंगोत्री (वीरेंद्र सिंह नेगी)- विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था के बीच प्रशासन और सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। धाम में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बनाई जा रही सुरक्षा दीवार का कार्य अभी तक अधूरा है।
अधूरा निर्माण और मलबे का अंबार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आपदा प्रबंधन के तहत करीब चार करोड़ की लागत से गंगा घाट से बड़े पत्थर तक सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाना है। पिछले वर्ष शुरू हुआ यह कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर सामान्य है, लेकिन मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ते ही अधूरे घाट खतरे की जद में आ सकते हैं।
बजट का खेल?
नदी के बीचों-बीच भारी मात्रा में मलबा जमा है, जिसे अति संवेधन शील क्षेत्र के नाम पर हटाने की दिशा में विभाग कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। स्थानीय लोगों और नमामि गंगे के संयोजक लोकेन्द्र बिष्ट का कहना है कि सुरक्षा दीवार हर साल बनती है और हर साल बह जाती है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल सरकारी बजट को खपाने के लिए नदी से मलबा हटाए बिना निर्माण किया जा रहा है?
