लोककला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में ‘हयवदन’ नाटक का मंचन
लोककला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में ‘हयवदन’ नाटक का मंचन
श्रीनगर – विश्व रंगमंच दिवस से पूर्व हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लोककला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में ‘हयवदन’ नाटक का सफल मंचन किया गया। यह प्रस्तुति एम.ए. रंगमंच एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई। लगभग दो घंटे आठ मिनट तक चली जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
नाटक का निर्देशन केन्द्र के सह-निदेशक महेंद्र पंवार, नाटक के संगीत पक्ष का संयोजन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय पांडे ने किया गया, जबकि तबला और परकशन पर जयेंद्र ने अपनी प्रभावशाली संगत दी।
इस अवसर पर विभाग के निदेशक गणेश खुगशाल गणी, पूर्व निदेशक डॉ डी आर पुरोहित, डॉ कपिल पंवार, डॉ नागेन्द्र रावत सहित विभिन्न विभागीय सदस्य उपस्थित रहे। इसी क्रम में अब यह नाटक उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के पांच दिवसीय ‘भरतमुनि नाट्य समारोह’ के अवसर पर मंचित किया जाएगा।
17 सदस्यीय टीम प्रयागराज में करेगी विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व
विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज द्वारा पांच दिवसीय भरतमुनि नाट्य समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र द्वारा प्रसिद्ध नाटककार गिरीश कर्नाड के नाटक ‘हयवदन’ का मंचन किया जाएगा। इस प्रस्तुति के लिए केन्द्र का 17 सदस्यीय दल केन्द्र निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ के नेतृत्व में प्रयागराज के लिए शुक्रवार को रवाना हो गया है। नाटक मण्डली द्वारा समारोह में यह नाटक प्रयागराज में मंचित होगा।
