मेंड़खाल पीएचसी पर लटका मिला ताला, घायल को नहीं मिला उपचार
मेंड़खाल पीएचसी पर लटका मिला ताला, घायल को नहीं मिला उपचार
निजी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद सीएचसी छाम किया गया रेफर, लोगों में आक्रोश
शिवांश कुंवर
थौलधार- क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था मंगलवार शाम उस समय उजागर हो गई, जब सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मेंड़खाल लाया गया, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। अस्पताल परिसर में कोई चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी अथवा अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
जानकारी के अनुसार, सकलाना क्षेत्र का एक युवक शाम के समय अपने घर लौट रहा था। कोल-नमक तोक के पास उसकी गाड़ी अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यापार मंडल से जुड़े आलोक जुयाल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को निजी वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंड़खाल पहुंचाया।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि अस्पताल में घायल का प्राथमिक उपचार कर उसकी स्थिति के अनुसार आगे की चिकित्सा के लिए रेफर किया जाएगा, लेकिन अस्पताल बंद मिला। मजबूरन घायल को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाम भेजा गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में एकत्र लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि आपातकालीन स्थिति में भी अस्पताल बंद मिलना बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने और जरूरत पड़ने पर तालाबंदी करने का निर्णय लिया।
आलोक जुयाल का कहना है “जब गंभीर घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। अस्पताल में कोई चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। यदि समय पर उपचार नहीं मिलने से किसी मरीज की जान चली जाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
