भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल में बढ़ा खतरा, डीएम के निर्देश पर आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग ने किया स्थलीय निरीक्षण
भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल में बढ़ा खतरा, डीएम के निर्देश पर आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग ने किया स्थलीय निरीक्षण
उत्तरकाशी
मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही सीमांत क्षेत्र हर्षिल में भागीरथी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बीते दिन नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के कारण हर्षिल में स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के गेस्ट हाउस, पुलिस चौकी और स्थानीय आवासीय बस्ती पर भूमि कटाव का खतरा मंडराने लगा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभाग को तत्काल मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और सुरक्षात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए।
*100 मीटर के संवेदनशील हिस्से में होंगे तात्कालिक बाढ़ सुरक्षा कार्य*
जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद रविवार को जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाई और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने हर्षिल पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना किया।
अधिकारियों ने बताया कि
मानसून सीजन में नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे भूमि कटाव का संभावित खतरा काफी अधिक है। इसे देखते हुए नदी के किनारे सबसे संवेदनशील करीब 100 मीटर के हिस्से में तात्कालिक बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे, ताकि किसी भी अनहोनी या जान-माल के नुकसान को समय रहते रोका जा सके।
*निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान भी रहे मौजूद*
सुरक्षात्मक उपायों को अमलीजामा पहनाने और स्थानीय स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए किए गए इस निरीक्षण के दौरान हर्षिल के ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे। उन्होंने टीम को नदी के रुख और हर साल होने वाले कटाव की स्थिति से अवगत कराया।
प्रशासनिक टीम ने स्थानीय ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी और तात्कालिक कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा ताकि जीएमवीएन गेस्ट हाउस, पुलिस चौकी और स्थानीय आवासीय बस्ती को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।
