भूस्खलन से प्रभावित सारीगाड़-कण्डारी मार्ग, आक्रोशित ग्रामीणों ने फूंका शासन-प्रशासन का पुतला
भूस्खलन से प्रभावित सारीगाड़-कण्डारी मार्ग, आक्रोशित ग्रामीणों ने फूंका शासन-प्रशासन का पुतला
जुलाई में भूस्खलन से प्रभावित सारीगाड़-कंडारी मोटर मार्ग का अब तक नहीं हुआ स्थायी समाधान, लोगों ने की सुरक्षित मार्ग बनाने की मांग
उत्तरकाशी
विकासनगर-यमुनौत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण करण कार्य के चलते गत जुलाई माह में भारी भूस्खलन के कारण प्रभावित हुए उत्तरकाशी जिले के गोडर क्षेत्र की लाइफलाइन कहे जाने वाले ‘सारी गाड़ कण्डारी नौगांव गोडर मोटर मार्ग की स्थिति आज भी बेहद दयनीय बनी हुई है। क्षेत्र की समस्या को देखते हुए क्षेत्र के ग्राम प्रधानों एवं समाजसेवियों ने आज क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं शासन प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की एवं शासन प्रशासन का पुतला दहन किया। साथ ही सड़क मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए सुरक्षित नहीं बनता है तो आंदोलन की चेतावनी भी दी ।मार्ग के बार -बार बंद होने का सबसे गंभीर असर स्थानीय किसानों पर पड़ा है। फसल पर किसानों की पूरे साल की आजीविका निर्भर करती है, उसके बर्बाद होने से ग्रामीणों को लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोगो में अपार रोष व्याप्त है ।इस समस्या के सम्बन्ध में क्षेत्र के ग्राम वासियों, जन प्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों की सारीगाड़ में आज एक बैठक हुयी जिसमें प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई अस्थाई समाधान न करने पर रोष व्यक्त किया गया, समाजसेवी राजेश बहुगुणाने बताया कि रोड के बार -बार बंद होने के कारण क्षेत्र के लोगों को अपनी नकदी फसल और जरूरी काम से मार्केट जाने में बहुत जोखिम उठाना पड़ रहा है। जिस कारण से क्षेत्रीय जनता में विभाग एवं शासन प्रशासन के प्रति अपार रोष व्याप्त है । प्रशासन से मार्ग की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए समस्या के स्थाई समाधान की मांग की गयी। लोगों ने बताया कि विगत माह स्थानीय जन प्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या के सम्बन्ध में जिला अधिकारी को अवगत कराया गया था । जिस पर जिला अधिकारी द्वारा संज्ञान लेते हुये इस मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को मार्ग की मरम्मत में तेज़ी लाने तथा क्षतिग्रस्त हिस्से को शीघ्र ही यातायात हेतू सुचारू करने के साथ समस्या का स्थाई समाधान करने के निर्देश दिए गए थे। परन्तु फिर भी विभाग द्वारा ढेड़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थाई समाधान नही किया गया । क्षेत्र के लोगो का मानना है कि यह समस्या केव मार्ग बंद होने या आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा संकट भी है। लगातार हो रहे भूस्खलन के मलबे और जर्जर हो चुकी इस सड़क के बीच से होकर गुजरना किसी बड़े खतरे से खाली नही है जर्जर पहाड़ी और मलबे के कारण यहाँ कभी भी कोई बड़ी अनहोनी या जानलेवा दुर्घटना घट सकती है ।लोगो ने शासन प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करनी की मांग की गयी।
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता राजेश बहुगुणा, प्रधान प्रवीण राणा, राजेश पंवार, शूरवीर सिंह चौहान, राजेश पंवार, पीताम्बर नोटियाल, बच्चन सिंह , मुकेश गौड, संत राम, सोहन गौड, राजीव गौड आदि लोग शामिल रहे।
