सरकारी भूमि के निजी उपयोग/लीज में स्थानीय लोगों को मिले पहली प्राथमिकता : प्रदीप सिंह रावत
सरकारी भूमि के निजी उपयोग/लीज में स्थानीय लोगों को मिले पहली प्राथमिकता : प्रदीप सिंह रावत
उत्तरकाशी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी द्वारा आज कांग्रेस कार्यालय में उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी भूमि एवं सरकारी संपत्तियों को लीज के माध्यम से निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि सरकारी भूमि एवं सार्वजनिक संपत्तियां प्रदेश की जनता की संपत्ति हैं। यदि सरकार का उद्देश्य सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग कर राजस्व बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है, तो ऐसी किसी भी प्रक्रिया में स्थानीय निवासियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि यदि सरकार सरकारी भूमि को निजी उपयोग अथवा लीज के माध्यम से देना चाहती है, तो प्राथमिकता का स्पष्ट स्थानीय क्रम निर्धारित किया जाना चाहिए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता उसी ग्राम समाज के स्थानीय लोगों को मिलनी चाहिए, जहां वह भूमि स्थित है। दूसरी प्राथमिकता उसी ब्लॉक के स्थानीय निवासियों को और तीसरी प्राथमिकता संबंधित जनपद के स्थानीय निवासियों को दी जानी चाहिए। इससे सरकारी भूमि का लाभ बाहर के लोगों के बजाय स्थानीय जनता को मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन केवल जमीन नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका, पहचान और भविष्य से जुड़ा विषय है। इसलिए बेशकीमती सरकारी भूमि को ऐसी व्यवस्था के तहत निजी हाथों में नहीं दिया जाना चाहिए, जिसमें स्थानीय जनता अपने ही क्षेत्र में अवसरों से वंचित हो जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी भूमि के आवंटन या लीज से स्थानीय लोगों को रोजगार, व्यवसाय और स्वरोजगार के अवसर मिलें तथा जमीन का लाभ भी स्थानीय लोगों के हित में बना रहे।
जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार से मांग की कि सरकारी भूमि एवं संपत्तियों को लीज पर देने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए। भूमि का मूल्यांकन, लीज की अवधि, शर्तें, चयन प्रक्रिया और लाभार्थियों की जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक हो तथा स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रदीप सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार यहां के स्थानीय लोगों के हितों का होना चाहिए। सरकार यदि आय बढ़ाना चाहती है तो स्थानीय जनता को भागीदार बनाकर बढ़ाए, न कि सरकारी संपत्तियों को कुछ चुनिंदा निजी हाथों में सौंपकर। कांग्रेस पार्टी स्थानीय अधिकारों, रोजगार और पारदर्शिता के इस मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।”
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह सहित किसी भी सरकारी संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया का कांग्रेस पार्टी जनहित में विरोध करेगी और सरकार से पूरे मामले में स्पष्ट जवाब की मांग करेगी.
