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सफलता का शिखर, सादगी का सफर: सेवानिवृत्ति के बाद अब न्याय और ज्योतिष से जनसेवा कर रहे गजेन्द्र नौटियाल  

सफलता का शिखर, सादगी का सफर: सेवानिवृत्ति के बाद अब न्याय और ज्योतिष से जनसेवा कर रहे गजेन्द्र नौटियाल  

देहरादून- सफलता के शिखर पर पहुँचकर भी जमीन से जुड़े रहना ही असली महानता है। ऐसी ही एक शख्सियत हैं उत्तराखंड राजभवन से उप सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए गजेन्द्र नौटियाल।

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण देहरादून में पढ़ाई कर पाना बेहद मुश्किल था, लेकिन उनके अंदर जूनून, जोश और जज्बा इतना है कि उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने डीएबी कॉलेज देहरादून से उच्च शिक्षा (MA, LLB, B.Ed) प्राप्त की। गजेंद्र नौटियाल ने सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर की नौकरी में पहली सफलता और दूसरी सफलता में शिक्षा विभाग में नौकरी पाई। इसके साथ ही उन्होंने हार न मानकर अपना मुकाम राजभवन उत्तराखंड में नौकरी पाकर पूरा किया। नौकरी के साथ साथ ही वह ज्योतिष की तरफ़ भी झुक गए। ज्योतिष विद्या के माध्यम से उन्होंने ने कई दंपत्ति के चेहरों पर मुस्कान ला दी और कई गंभीर बीमारियों का उपाय कराकर लोगों को नया जीवन दिया।
इसके साथ वर्ष 2002 से उनके द्वारा की गई विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भविष्यवाणियां कई बार सटीक साबित हुई हैं, जिसके चलते कई दिग्गज नेता भी उनसे परामर्श भी लेते हैं। इसके साथ ही ज्योतिष ज्ञान का लाभ अखिल भारतीय सेवा, प्रांतीय सेवा, वन सेवा, उच्च न्यायिक सेवा के कई अधिकारी ले चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने ज्योतिष के माध्यम से गंभीर बीमारियों के उपाय और निसंतान दंपत्तियों की मदद कर समाज में नई उम्मीद जगाई है। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका सफर थमा नहीं है। उप सचिव राज्यपाल उत्तराखंड के पद से सेवानिवृति के बाद अब अधिवक्ता के रूप में जहां लोगों को न्याय दिलाने में दिलचस्पी दिखाई तो दूसरी ओर अपने ज्योतिष ज्ञान से जन मानस की सेवा कर रहे हैं। उनकी सादगी और बहुमुखी प्रतिभा आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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